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साँझा चूल्हा
Author: Pooja Goyal पूजा गोयल
Category: Book
Language: Hindi
Pages: 100
Description
साँझा चूल्हा सांझा चूल्हा साथ मिलकर जीने और समाज को मजबूत बनाने की एक प्रेरणादायक कल्पना है। जैसे Bal Gangadhar Tilak ने Ganesh Chaturthi को सार्वजनिक उत्सव बनाकर लोगों को देश के लिए एकजुट किया, उसी भावना से सांझा चूल्हा नागरिकों को जोड़ने का एक मंच प्रस्तुत करता है। यह “सांझा चूल्हा” एक प्रतीक है—जहाँ लोग भेदभाव से ऊपर उठकर एक साथ आएँ, समाज सेवा करें, योग-ध्यान और आंतरिक साधना के माध्यम से स्वयं को बेहतर बनाएं। जब व्यक्ति भीतर से जागरूक और जिम्मेदार बनता है, तब समाज और राष्ट्र दोनों मजबूत होते हैं। यह पुस्तक एक ऐसे भारत की कल्पना करती है जो सच में शक्तिशाली, जागरूक और आध्यात्मिक मूल्यों से समृद्ध राष्ट्र बने।
About the author
Pooja Goyal पूजा गोयल
लेखिका परिचय
पूजा गोयल एक संवेदनशील लेखिका, शिक्षिका और सामाजिक चिंतक हैं। उनका विश्वास है कि जब लोग प्रेम, सहयोग और जागरूकता के साथ जुड़ते हैं, तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है। वे योग, ध्यान, आध्यात्मिकता और सामाजिक सेवा को जीवन का महत्वपूर्ण आधार मानती हैं।
सांझा चूल्हा के माध्यम से वे लोगों को एक साथ लाने, आपसी जुड़ाव बढ़ाने और भीतर से जागरूक बनने का संदेश देती हैं।
पेशे से वे एक इंटीरियर डिज़ाइनर भी हैं, इसलिए जीवन और स्थान (space) दोनों को बेहतर,positive और सामंजस्यपूर्ण बनाने की उनकी विशेष समझ है। इसी अनुभव के आधार पर वे एक प्रैक्टिकल फ्लैट स्कीम पर भी काम कर रही हैं, जिसमें कॉमन किचन का कॉन्सेप्ट बनाकर साझा जीवन, सहयोग और समुदाय की संस्कृति का एक जीवंत उदाहरण तैयार किया जा रहा है। साथ ही वे गाँव, खेती और साझा रसोई की परंपरा को पुनर्जीवित करके भारत के स्वर्णिम और सहयोगी समाज के सपने को फिर से जीवित करने का प्रयास कर रही हैं।
उनका उद्देश्य भारत को एक जागरूक, संवेदनशील और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध राष्ट्र बनाने की प्रेरणा देना है